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जिंदगी के क्रॉसरोड्स – सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर लॉन्च हुआ

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हमारी जिंदगी ऐसे फैसलों और विकल्पों से भरी पड़ी है, जो हम रोजमर्रा की जिंदगी में लेते हैं। इनमें से ज्यादातर फैसले आसान होते हैं लेकिन कुछ बाकियों से बहुत ही मुश्किल। हालांकि, कुछ फैसले ऐसे होते हैं जिनके असर को हम बदल नहीं सकते और इन फैसलों से ही व्यक्ति का चरित्र परिभाषित होता है। यह फैसले उस समय लिए जाते हैं जब हम दोहारे पर होते हैं, जब आपका फैसला आपकी जिंदगी को दिशा देता है और न केवल आपकी जिंदगी में बल्कि उन लोगों की जिंदगी की दिशा भी बदल देते हैं जो आपके लिए सबसे ज्यादा महत्व रखते हैं। अक्सर, क्रॉसरोड्स पर लिए गए फैसले किसी और के लिए होते हैं लेकिन उन्हें लेने की जिम्मेदारी आपकी होती है। आखिर कोई ऐसे फैसले कैसे ले सकता है और उनसे कैसे निपट सकता है? यह ऐसे कुछ प्रश्न हैं, जिनके जवाब सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन ने अपनी नई पेशकश “जिंदगी के क्रॉसरोड्स” के जरिये तलाशने की कोशिश की है।

भारत में प्राइम टाइम टेलीविजन पर अपनी तरह का यह अनूठा शो होगा, जिसका फॉर्मेट बिल्कुल अलग होगा। इसमें जिंदगी की नाटकीयता से प्रेरित जिंदगी बदलने वाली कहानियों को प्रस्तुत किया जाएगा। स्टूडियो ऑडियंस के सामने नाटकीयता के साथ उस वक्त को दिखाया जाएगा, जो ‘क्रॉसरोड्स’पर आते वक्त था। स्टूडियो ऑडियंस में हमारे देश के अलग-अलग तबकों के प्रतिनिधि होंगे, जो इस बात पर चर्चा करेंगे कि क्या उस समय हमारे में से ज्यादातर क्या फैसला लेते। दर्शकों के लिए यह ‘आत्मनिरीक्षण का आईना’होगा और कई के लिए तो यह जिंदगी में लिए जाने वाले फैसलों को भी प्रभावित करेगा।
 
जिंदगी के क्रॉसरोड्स में हर एपिसोड में नई कहानी प्रस्तुत की जाएगी और कलाकारों द्वारा यह दिखाया जाएगा कि जिंदगी के दोराहे पर कैसी परिस्थिति बनती है। इसके बाद विशेष स्टूडियो ऑडियंस के सामने उस प्रश्न पर बहस की जाएगी। लोकप्रिय टीवी कलाकार राम कपूर को आप इस शो के होस्ट के तौर पर देख सकेंगे, जो न केवल ऑडियंस को अपनी राय देने के लिए प्रेरित करेंगे बल्कि ‘क्यों’ का जवाब तलाशने की हरसंभव कोशिश करेंगे। ऑडियंस के सामने उन ज्वलंत मुद्दों को रखा जाएगा। ऑडियंस के सामने यह प्रश्न उछाला जाएगा कि “इस तरह क्रॉसरोड्स की स्थिति यदि आपके सामने बने तो आप क्या करेंगे?”

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इस शो का प्रीमियर 6 जून को होगा और हर बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को चैनल पर रात 8.30 बजे प्रसारित होगा।

शबीना खान ने इस शो को प्रोड्यूस किया है, जो भारतीय फिल्म इंडस्ट्री से काफी करीब से जुड़ी हुई हैं। शो का कंसेप्ट, स्टोरी और स्क्रीनप्ले महादेव का है, जो विजेंद्र प्रसाद और एसएस राजामौलि की टीम का हिस्सा रहा है। जिंदगी के क्रॉसरोड्स जिंदगी की परेशानियों को कम करने वाला फार्मेट है, जो दर्शकों को दूसरों के मुद्दों और दुविधायों के आधार पर खुद का आकलन करने के लिए प्रेरित करेगा।
 
कमेंट्स: दानिश खान, एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, और बिजनेस हेड, सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन
“सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन हमेशा से आगे रहा है और हमें खुशी है कि “जिंदगी के क्रॉसरोड्स” के जरिये हम बिल्कुल अलग फॉर्मेट पेश कर रहे हैं। इसमें स्क्रिप्टेड हिस्सा भी है और बिना स्क्रिप्ट वाला भी। इस यूनिक फॉर्मेट को प्रोड्यूस किया है शबीना ने और शो रनर महादेव के दिमाग की उपज है। हमें खुशी है कि हम राम कपूर को इस अनदेखे अवतार में पेश कर रहे हैं। वे अन-स्क्रिप्टेड हिस्से को होस्ट करेंगे। हमें भरोसा है कि यह यूनिक शो दर्शकों को चकित करेगा।
 
शबीना खान, प्रोड्यूसर, जिंदगी के क्रॉसरोड्स – “जब महादेव ने मुझे शो का कंसेप्ट सुनाया तो मैं सोच में पड़ गई… इस शो को प्रोड्यूस क्यों न किया जाए। उसका संदर्भ जितना सही है, उतना ही आज की तारीख में प्रासंगिक भी है। हकीकत में, मैंने भी खुद को जिंदगी के क्रॉसरोड्स पर पाया है, जब मेरे लिए दिशा चुनने के लिए कोई भी नहीं था। मेरे फैसले और विकल्प ही थे, जिन्होंने मेरी जिंदगी को आज की परिस्थिति में ढाला। मैं सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन की आभारी हूं जिन्होंने हम पर भरोसा रखा और अपनी तरह के इस अनूठे शो को बनाने में साथ दिया।
 
महादेव, कंसेप्ट, स्टोरी और स्क्रीनप्ले राइटर, जिंदगी के क्रॉसरोड्स – “हम सभी अपनी जिंदगी में किसी न किसी क्रॉसरोड्स को पार कर यहां तक पहुंचे हैं। उस समय हमें यह लगता था कि हमारे साथ ही ऐसा हो रहा है। यह निराशाजनक और परेशानी से भरा हो सकता है। लेकिन जिंदगी चलती रहती है और हम उस अनुभव से खुद को समृद्ध समझते हैं। हर बार जब मैंने किसी दोराहे को पार किया, उसने मुझे सोचने को मजबूर किया कि क्या मैं इससे निपटने को तैयार हूं? इस विचार ने ही इस शो के बीज मेरे दिमाग में बोए। यह कहानियां दर्शकों को इस पहलू की संवेदनशीलता समझाएगी कि फैसला सही या गलत नहीं होता, बल्कि वह जिंदगी के क्रॉसरोड्स का हिस्सा होता है, जिससे हमें पार जाना पड़ता है।

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